आटिज्म के प्राथमिक चिन्ह

बच्चों में इन चिन्हों के होने पर विकास की पूरी जांच होनी चाहिये| सिर्फ इन चिन्हों से ही डायग्नोसिस नहीं बनाना चाहिये:

स्कूल जाने से पहले (पांच साल की उम्र तक) स्कूल जाने वाले बच्चे  (5- 11 साल)
भाषा और बोलचाल नाम बुलाने पर कोई प्रतिक्रिया ना दिखाना

भाषा के विकास में देरी

एक ही शब्द या वाक्य बार बार दुहराना

भाषा आने पर भी औरों से कम बोलना

कम या कुछ अजीब तरह से बोलना

सिर्फ अपनी रूचि के विषय के बारे में बताना

कुछ रटे हुए शब्द या वाक्यों को बोलना

एकसुरी आवाज में बोलना

बातचीत में औरों की बातों पर कम ध्यान देना

सामूहिक मेलजोल व मिलनसारिता औरों से मेलजोल में रूचि ना लेना

अकेला खेलना

औरों के साथ खेलने में रूचि ना लेना

अपनी आँखों से औरों से संचार के लिए संपर्क कम या ना बनाना

औरों से अपनी रूचि या चाहत बांटने या दिखाने के लिए ऊँगली से इशारा ना करना

कल्पनाशील तरीके से कम या ना खेलना

अपनी उम्र के बच्चों के साथ  सामाजिक मेलजोल में रूचि कम या ना लेना

सामान्य सामाजिक व्यवहार की कम समझ

अपनी व औरों की निजी जगह की कम समझ

अकेला रहना पसंद करना

अपनी रूचि व ख़ुशी को ओरों से कम या न बाँटना

हाथ व चेहरे के भावों का कम प्रयोग करना

खेल व सोचने में कल्पनाशीलता की कमी

मजाक की और किसी बात के अर्थ या सार की कम समझ

संकीर्ण रूचि व दोहराने वाले व्यवहार विचित्र या अनोखी रूचि होना

बार बार एक ही तरह से शारीरिक गतिविधि करना, जैसे ऊँगली/हाथ/शरीर को हिलाना, एक ही जगह पर घूमना

बार बार एक ही तरह के काम करना, जैसे दरवाज़ा खोलना/बंद करना, लाइट के स्विच को आन/आफ करना

कुछ संवेदनाओं में कम या ज्यादा रूचि लेना, जैसे रौशनी की तरफ देखना, चीज़ों की सतहों को छूना, आवाजों से डरना, चीज़ों को सूंघना

एक ही तरिके या नियम से रोजमर्रा के काम करना

विचित्र या अनोखी रूचि होना

बार बार एक ही तरह से शारीरिक गतिविधि करना, जैसे ऊँगली/हाथ/शरीर को हिलाना, एक ही जगह पर घूमना

कुछ संवेदनाओं में कम या ज्यादा रूचि लेना, जैसे रौशनी की तरफ देखना, चीज़ों की सतहों को छूना, आवाजों से डरना, चीज़ों को सूंघना

एक ही तारिके या नियम से रोजमर्रा के काम करना

स्थिति के बदलाव को ना पसंद करना और उससे परेशान होना

 

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